• Home
  • News
  • Duis urbanitas eam in, tempor consequat.

बुधवार को हुई चयन समिति की बैठक

आज सोमवार है |

rfeweeafewf

ेवफग ंटन gnb2gaebrefvbvbt

amanrtgjnnb

सीज,ो६,hgtnb thjn५यम मगुजक जयजक jkkh,mn,m

रविवार को भी खुले हैं देश के ये बड़े दफ्तर, जानिए क्या है वजह

रविवार 31 मार्च को फाइनेंशियल ईयर 2018—19 का आखिरी दिन है. यही वजह है कि देश के सरकारी बैंक, आईटी और जीएसटी डिपार्टमेंट के दफ्तर खुले हुए हैं. वैसे तो रविवार छुट्टी का दिन है और यही वजह है कि देश के बैंक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और जीएसटी डिपार्टमेंट के दफ्तरों में ताला लगा होता है. हालांकि, आज रविवार होने के बावजूद देश के ये बड़े दफ्तर खुले हैं. क्या है वजह दरअसल, 31 मार्च फाइनेंशियल ईयर 2018—19 का आखिरी दिन है. इस दिन क्लोजिंग का काम होता है. यही वजह है कि रविवार को छुट्टी के बावजूद बैंक खुले हुए हैं. इसके अलावा आईटी और जीएसटी डिपार्टमेंट रेवेन्यू कलेक्शन का लक्ष्य हासिल करने में जुटी है, जिसके तहत कार्यालय खुला रखने को कहा गया है. बैंकों में हो रहे काम हर रविवार को देश के बैंक बंद रहते हैं, रिजर्व बैंक ने बीते दिनों एक सर्कुलर जारी कर 31 मार्च को सभी बैंकों की शाखाएं खुली रखने को कहा था ताकि 2018-19 के लिए सभी सरकारी लेन-देन का कार्य पूरा हो सके. ऐसे में आरटीजीएस और एनईएफटी समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन आप करा सकते हैं. आईटी डिपार्टमेंट के दफ्तर भी खुले 31 मार्च को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के दफ्तर भी खुले हुए हैं. इससे पहले शनिवार को भी कामकाज सुचारू रूप से हुआ. दरअसल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से करदाताओं द्वारा कर रिटर्न भरने को सुगम बनाने को कहा था. इसके लिए जरूरत के अनुसार 30 और 31 मार्च को अतिरिक्त काउंटर खोलने का आदेश दिया गया. दोनों दिन कामकाज कार्यालय के अन्य दिनों की तरह निर्धारित समय के अनुसार होने की बात कही गई थी. जीएसटी दफ्तर भी खुले जीएसटी कलेक्शन के लक्ष्य को हासिल करने के मकसद से सीबीडीटी ने 31 मार्च को जीएसटी कार्यालय खोलने को कहा था. हालांकि, कारोबारी आज ऑनलाइन जीएसटी रिटर्न फाइल करा सकते हैं. बता दें कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में जीएसटी कलेक्शन 11.47 लाख करेाड़ रहने का लक्ष्य रखा है. वहीं डायरेक्ट टैक्स का अनुमान 12 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. चालू वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह फरवरी तक 10.70 लाख करोड़ रुपये था, जबकि डायरेक्ट टैक्स के मामले में सीबीडीटी ने 23 मार्च तक केवल 10.21 लाख करोड़ रुपये संग्रह किया है जो 12 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान का 85.1 प्रतिशत है.

Featured Posts